
Ab aage
रात के करीब दो बजे, हवेली के सन्नाटे को चीरती हुई सरवंश के जूतों की आहट फिर से बेडरूम की तरफ बढ़ी। रव्या का दिल एक बार फिर जोर से धड़का, लेकिन उसने अपनी आँखें नहीं खोलीं। सरवंश कमरे में आया, उसके हाथ में इस बार कोई कोड़ा या गुस्सा नहीं था, बल्कि एक फर्स्ट-एड बॉक्स और पानी का ग्लास था...






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