
Ab aage...
सुबह के ठीक7:30 बज रहे थे। फार्महाउस की खिड़कियों से धूप की हल्की किरणें बेडरूम के फर्श पर रेंग रही थीं। मौसम बिल्कुल सामान्य था, न कोई बारिश थी और न कोई हवा—एकदम शांत, दम घोटने वाला सामान्य तापमान। लेकिन उस मास्टर बेडरूम के भीतर की हवा प्रतिशोध और हवस के धुएं से भारी थी।






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