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अगली सुबह होते ही पूरे देश के न्यूज़ चैनलों, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सिर्फ एक ही खबर ऑन-एयर हो रही थी— 'बिजनेस टायकून अद्वैत रायचंद और नव्या की ग्रैंड वेडिंग'। हर जगह रायचंद मेंशन के सजे हुए मंडप की तस्वीरें छाई हुई थीं।
इशिरा सुबह जल्दी उठी। उसने नहा-धोकर एक सादे से सूती सूट में खुद को ढाला। टीवी और फोन को पूरी तरह बंद करके उसने किचन का रुख किया। वह आज रायचंद खानदान का कोई जिक्र अपने घर में नहीं चाहती थी।
लेकिन उधर रायचंद मेंशन का नजारा कुछ और ही था। मंडप सज चुका था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरे शुरू हो चुके थे। दूल्हे ने पारंपरिक शेरवानी पहनी थी और उसके चेहरे पर एक भारी, मोतियों वाला सेहरा लटका हुआ था जिससे उसका चेहरा साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था। नव्या बेहद खुश थी कि आखिरकार वो इस साम्राज्य की मालकिन बनने जा रही है।
फेरे संपन्न हुए। दूल्हे ने आगे बढ़कर नव्या की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहना दिया। पंडित जी ने कहा, "विवाह संपन्न हुआ। अब वधू वर के चेहरे से सेहरा हटाकर आशीर्वाद ले।"
जैसे ही नव्या मुस्कुराते हुए दूल्हे का सेहरा हटाने के लिए हाथ आगे बढ़ाई, अचानक... खटका!
पूरे रायचंद मेंशन की बत्तियां गुल हो गईं। हॉल में पूरी तरह अंधेरा छा गया। मेहमान घबरा गए, लेकिन तभी स्टेज पर लगी विशाल एलईडी स्क्रीन अचानक ऑन हो गई।
स्क्रीन पर जो वीडियो और तस्वीरें प्ले हुईं, उन्हें देखकर पूरे हॉल में चीख-पुकार मच गई। वो वीडियो किसी और के नहीं, बल्कि नव्या और उसके बॉयफ्रेंड हर्ष की थीं।
दोनों के बेहद अश्लील, इंटीमेट और आपत्तिजनक पलों के वीडियो पूरी महफ़िल के सामने लाइव चल रहे थे। नव्या का पूरा घमंड पल भर में राख हो गया। उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया। "यह... यह झूठ है! बंद करो इसे!" नव्या चिल्लाई।
तभी हॉल की लाइटें वापस जलीं। नव्या ने कांपते हाथों से अपने सामने खड़े दूल्हे का सेहरा खींचकर हटा दिया। सेहरा हटते ही नव्या के मुँह से एक खौफनाक चीख निकली।
सामने अद्वैत रायचंद नहीं खड़ा था! सामने रायचंद मेंशन का एक सीनियर बॉडीगार्ड खड़ा था—जिसका सिर पूरी तरह गंजा था, आगे के दो दांत बाहर निकले हुए थे और जो उम्र में नव्या के पिता के बराबर था। सिंदूर और मंगलसूत्र नव्या को इसी बॉडीगार्ड ने पहनाया था!
"सरप्राइज, नव्या!" तभी हॉल के मुख्य दरवाज़े से अद्वैत रायचंद ने कदम रखा। ब्लैक टक्सीडो सूट में उसका रुतबा साक्षात यमराज की तरह लग रहा था।
उसके पीछे उसके बॉडीगार्ड्स और पुलिस की एक टीम चल रही थी।
नव्या दौड़कर अद्वैत के पैरों में गिर गई, "अद्वैत! प्लीज मुझे माफ कर दो। यह हर्ष ने मेरे साथ ज़बरदस्ती की थी। मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ!" नव्या के माता-पिता भी हाथ जोड़कर अद्वैत के सामने रोने लगे, "मिस्टर रायचंद, हमारी बेटी को माफ कर दीजिए। हमारा खानदान बर्बाद हो जाएगा।"
अद्वैत ने झटके से नव्या को अपने पैरों से दूर धकेला। उसकी आँखें सुलग रही थीं। उसने बेहद ठंडी, बेरहम आवाज़ में कहा:
"तुम्हें क्या लगा था नव्या? तुम अद्वैत रायचंद के साथ गेम खेलोगी... और जीत जाओगी? नो, नेवर! गेम शब्द का मतलब ही मैं हूँ, समझे? जिस अद्वैत को तुम अपनी उंगलियों पर नचाना चाहती थी, उसने कल रात ही तुम्हारी कंपनी को पूरी तरह बैंकरप्ट कर दिया है। अब तुम और तुम्हारा यह नया पति रास्ते पर भीख मांगेंगे। निकलो मेरे घर से!"
काजल बुआ जी एक कोने में खड़ी यह सब देख रही थीं। उनका चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था कि उनका पूरा प्लान फेल हो गया, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाईं। तभी बुआ जी के फोन पर एक वाइब्रेशन हुई। उन्होंने स्क्रीन देखी—उनके शूटर का मैसेज था: 'चिड़िया जाल में फंस चुकी है। काम खत्म होने वाला है।' यह देखकर बुआ जी के काले होठों पर एक शैतानी मुस्कान तैर गई।
ठीक उसी वक्त, इशिरा के फ्लैट में उसके फोन की कर्कश रिंगटोन बजी। इशिरा ने फोन उठाया तो स्क्रीन पर उसकी सबसे पक्की सहेली 'रोशनी' का नंबर था, लेकिन दूसरी तरफ से किसी अजनबी की आवाज़ आई: "क्या आप इशिरा जी बोल रही हैं? आपकी सहेली shreya का बाज़ार के पास एक बहुत भयानक एक्सीडेंट हो गया है। वो खून से लथपथ हैं और आपका नाम ले रही हैं। जल्दी पहुंचिए!"
"Shreya. ?!" इशिरा के हाथ से फोन छूटते-छूटते बचा। उसका पूरा बदन डर से कांपने लगा।
वह बदहवास होकर दरवाज़े की तरफ भागी। मौसी ने उसका हाथ पकड़कर रोकना चाहा, "इशिरा! रुक बेटा, इतनी घबराहट में मत जा, मेरा दिल अच्छा नहीं कह रहा।" रेहान भी उसकी कुर्ती पकड़कर रोने लगा, "दीदू मत जाओ ना!"
लेकिन इशिरा अपनी सहेली की जान बचाने के लिए अंधी हो चुकी थी। "नहीं मौसी, shreya मुसीबत में है, मुझे जाना होगा!" वह मौसी का हाथ झटककर पागलों की तरह सीढ़ियों से नीचे उतरी और सड़क की तरफ दौड़ पड़ी।
वह हांफती हुई अपने फ्लैट से कुछ ही दूरी पर स्थित मेन मार्केट के चौराहे पर पहुँची। चारों तरफ भीड़ थी। इशिरा बदहवास होकर सड़क पार करने ही वाली थी कि तभी अचानक... एक कोने में खड़े एक काले भारी ट्रक ने अपनी हेडलाइट्स ऑन कीं। ड्राइवर ने सीधे इशिरा को अपनी रडार पर लिया और एक्सीलेटर पर पैर दबा दिया।
एक कान फाड़ देने वाले हॉर्न के साथ वह भारी ट्रक कयामत की रफ्तार से इशिरा की तरफ बढ़ा। इशिरा ने जैसे ही अपनी दाईं तरफ मुड़कर देखा, ट्रक की तीखी रोशनी उसकी आँखों पर पड़ी। उसे संभलने का एक सेकंड भी नहीं मिला।
धड़ामम्म!
एक ज़ोरदार, खौफनाक टक्कर की आवाज़ गूंजी। ट्रक का अगला हिस्सा इशिरा के नाज़ुक बदन से इतनी ज़ोर से टकराया कि उसका शरीर हवा में कई फीट ऊपर उछला और सीधे कंक्रीट की सड़क पर आ गिरा।
सड़क का वो हिस्सा पल भर में इशिरा के सुर्ख लाल खून से नहा गया। उसकी महरून कुर्ती खून से पूरी तरह भीग चुकी थी। उसके सिर से, उसकी नाज़ुक कॉलरबोन से—जहाँ अद्वैत का नाम लिखा था—खून का फव्वारा फूट पड़ा था। इशिरा की आँखें आधी खुली थीं, आसमान की तरफ देखते हुए उसके होठों से एक आखिरी बेबस आवाज़ निकली—"अद्वैत..." और वह पूरी तरह बेसुध हो गई।
"अरे देखो! एक्सीडेंट हो गया! लड़की को ट्रक मार गया!" बाज़ार के लोग चिल्लाने लगे। कुछ भले लोगों ने तुरंत आगे बढ़कर इशिरा के बेजान, लहूलुहान बदन को उठाया और पास की एक एम्बुलेंस में डालकर उसे सिटी हॉस्पिटल की तरफ भागे।
पीछे से रोते-बिलखते हुए मौसी और छोटा रेहान भी भागते हुए उसी चौराहे पर पहुँचे, जहाँ इशिरा की चप्पलें और उसका खून बिखरा पड़ा था। रेहान चीख-चीखकर रो रहा था, "दीदू! मेरी दीदू कहाँ चली गई?!" मौसी अपने छाती पीटते हुए लोगों से अस्पताल का पता पूछकर रेहान का हाथ थामे बदहवास हालत में हॉस्पिटल की तरफ दौड़ पड़ीं। इशिरा की ज़िंदगी अब मौत के मुहाने पर खड़ी थी, और उधर अद्वैत इस खूनी साज़िश से पूरी तरह बेखबर था।
To be continued......
Comment me bataye kaisa laga ye chapter ❤❤







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