
Ab aage....
गुवाहाटी एयरपोर्ट के इंटरनेशनल लाउंज में हर तरफ एक अजीब सी अफरातफरी मची हुई थी। लोग अपनी-अपनी मंजिलों की तरफ दौड़ रहे थे, अनाउंसमेंट की आवाजें गूंज रही थीं और सूटकेस के पहियों की खड़खड़ाहट पूरे माहौल में एक अजीब सी हलचल पैदा कर रही थी। लेकिन इस भारी भीड़ और कोलाहल के बीच भी, इशिरा के चारों तरफ जैसे एक खामोश तूफान पसरा हुआ था। वह अपनी मौसी की गोद में सिमटे ग्यारह साल के छोटे भाई रेहान का हाथ थामे हुए डिपार्चर एन्ट्री गेट के बिल्कुल पास खड़ी थी।








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