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WARNING: MATURE CONTENT

Is kahani mein BDSM, intense heartbreak, aur abusive language shamil hai. Yeh content sensitive ho sakta hai. Agar aap comfortable nahi hain, toh kripya ise skip karein. Read at your own discretion. 🔞

Pahla scene:-

"पर तुम तो मुझसे प्यार करते थे न..." लड़की की आवाज़ में एक अजीब सी कँपकँपी थी, जैसे कोई टूटता हुआ कांच आख़िरी बार अपनी मौजूदगी का अहसास करा रहा हो।

उसकी बात सुनकर लड़के के होंठों पर एक ज़हरीली हंसी तैर गई। वह खिलखिलाकर हंसा, जैसे उसने दुनिया का सबसे मज़ाकिया लतीफ़ा सुन लिया हो।

"प्यार? और वो भी तुमसे?!" उसने अपनी आवाज़ में हद से ज़्यादा हिकारत भरते हुए कहा, "वो बस एक नाटक था। तुम्हारी वो जो सहेली है न... उसी से मैंने कहा था कि मेरे लिए कोई लड़की ढूंढे। क्योंकि जो मेरी असल वाली थी, उससे मेरा झगड़ा हो गया था। बस कुछ महीनों का टाइमपास चाहिए था मुझे... और उसने तुम्हारे बारे में बताया। सच में, तुम कितनी भोली हो..."

वह लगातार हंसे जा रहा था। उसका हर एक लफ़्ज़, हर एक ठहाका उस मासूम लड़की के सीने में तीर की तरह चुभ रहा था। उसकी रूह लहूलुहान हो रही थी। उसने कभी ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि जिस शख्स को उसने खुदा मान लिया था, वो इतना बड़ा बहरूपिया निकलेगा।

लड़की ने अपनी आँखों में उमड़ते आंसुओं को रोकने की नाकाम कोशिश की। उसने खुद को समेटा और भारी आवाज़ में बोली, "ठीक है... आज जो तुमने मेरे साथ किया है न, मुझे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है। लेकिन याद रखना... एक दिन तुम भी तड़पोगे। तड़पोगे, पर तुम्हें सुकून का एक कतरा भी नसीब नहीं होगा। अलविदा! अब से न मैं कभी तुम्हारी शक्ल देखूंगी, न कॉल, न मैसेज... कुछ भी नहीं!"

इतना कहते ही उसका सब्र का बांध टूट गया। वह फूट-फूटकर रोते हुए वहाँ से भाग खड़ी हुई।

पीछे खड़ा वह लड़का अब भी बड़ी बेशर्मी से मुस्कुरा रहा था। उसे अपनी इस दरिंदगी पर ज़रा भी पछतावा नहीं था। तभी पीछे से कदमों की आहट हुई। उसका एक दोस्त अंधेरे से निकलकर सामने आया।

दोस्त ने उसके कंधे पर हाथ रखा और फुसफुसाया, "भाई, सब तो ठीक है... पर बिना सेक्स किए उसे ऐसे कैसे जाने दे सकता है तू? भूल गया? इस लड़की ने तुझे आज तक खुद को छूने भी नहीं दिया।"

लड़के के चेहरे पर एक डरावनी, साइकोपैथिक मुस्कान गहरी हो गई। उसने अपनी आँखें सिकाड़ते हुए कहा, "तू नहीं जानता इसे... ये खुद वापस आएगी। मैंने इसे इस कदर मेंटली टॉर्चर किया है न... देखना, ये तड़पते हुए खुद मेरे पास आएगी।"

Scene 2 :-

"छोड़िए मेरा हाथ!" लड़की ने पूरी ताकत से अपनी कलाई को उसके शिकंजे से झटका और दो कदम पीछे हट गई। उसकी आँखों में खौफ़ और नफ़रत का मिला-जुला सैलाब था। "आगे से मेरे करीब आने की कोशिश भी मत कीजिएगा!"

लड़के के चेहरे पर एक डार्क, जानलेवा मुस्कान उभर आई। वह धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा, जैसे कोई शिकारी अपने शिकार को घेर रहा हो।

"हम्म..." उसने अपनी गहरी, भारी आवाज़ में कहा, "हमारे टच की आदत डाल लो... जितनी जल्दी हो सके। क्योंकि अब मैं तुम्हें कहाँ-कहाँ टच करूँगा... ये मैं खुद भी नहीं जानता।"

उसका यह खौफनाक लहजा और वो डरावनी बातें सुनकर लड़की के रीढ़ की हड्डी में एक ठंडी सिहरन दौड़ गई। वह डर के मारे थर-थर कांपने लगी। उसे अहसास हो गया था कि वह किसी बेहद काले और गहरे साए की गिरफ्त में फंस चुकी है... जहाँ से निकलने का कोई रास्ता नहीं था।

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“I don’t write fairytales, I write obsessions, silence, and chaos.”

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