
Ab aage...
शौर्य ने जिस बेरहमी से दरवाज़ा बंद किया था, उसकी गूँज पूरे कमरे में फैल गई। वामिका अभी खुद को संभाल भी नहीं पाई थी कि शौर्य एक खूंखार भेड़िए की तरह उसकी तरफ झपटा। उसने बिना कोई मौका दिए वामिका को अपनी तरफ खींचा और उसके दोनों हाथों को पीछे मरोड़ते हुए उसकी पतली कमर को अपनी लोहे जैसी उंगलियों से इतनी ज़ोर से भींचा कि वामिका के मुंह से एक दर्दभरी चीख निकल गई।








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